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घड़े ऊपर हंडिया Adult Literature

पढ़ाई-लिखाई यदि प्रेम के ढाई आखरों के सहयोग से चले तो मज़ेदार हो जाती है। पढ़ने वाले को भी आनंद आता है और पढ़ाने वाले को भी। नट ने सरला और चंदर को जो जादू का सवैया सिखाया उसे दोनों केन्द्रों पर सभी ने याद कर लिया। सवैये की मदद से कोई भी अक्षर, कोई भी मात्रा, मज़े-मज़े में ढूंढी जा सकती है।

बहुत सी ऐसी सामग्री जो पढ़ना-लिखना सिखाने में सहायक हो, आपस के सहयोग से बड़ी आसानी से बनाई जा सकती है। अक्षर-ज्ञान जल्दी-जल्दी हो और गणित का ज्ञान भी। असल बात तो लगन की है। श्रद्धा हो भाव हो, सीखने का चाव हो तो धरती के कागज़ पर लकड़ी की कलम से भी चित्रकारी हो सकती है। इस पांचवे भाग- ‘घड़े ऊपर हंडिया’ में यही तो बात कही है। अनुभवों का लेना-देना ही तो शिक्षा है।

पढ़ाई-लिखाई यदि प्रेम के ढाई आखरों के सहयोग से चले तो मज़ेदार हो जाती है। पढ़ने वाले को भी आनंद आता है और पढ़ाने वाले को भी। नट ने सरला और चंदर को जो जादू का सवैया सिखाया उसे दोनों केन्द्रों पर सभी ने याद कर लिया। सवैये की मदद से कोई भी अक्षर, कोई भी मात्रा, मज़े-मज़े में ढूंढी जा सकती है।..."