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  • न्यू टाउन का चश्मा देखा हाल

     

    —चौं रे चम्पू! हैलो!! चम्पू!!! अवाज आय रई ऐ मेरी?

    —चचा, आवाज़ झक्कास आ रही है, और मेरी?

    —हां, आय तौ रई ऐ, पर सोर भौत ऐ!

    —सिडनी में न्यूटाउन की सड़क के फुटपाथ पर हूं, शोर तो आयेगा ही। यहां दोपहर हो चुकी है, वहां भोर हुई होगी। खाना खाने के बाद धूप खाने निकला हूं। खाने से पेट जल्दी भर जाता है, धूप से पेट नहीं भरता। मौसम काफ़ी सर्दीला है। कभी-कभी बारिश भी हो जाती है, पर आज धूप खुल कर खिली हुई है। यहां की धूप में उजाला बहुत है चचा। काला चश्मा लगा लो तो ऐसा लगता है जैसा दिल्ली में बिना चश्मे के लग सकता है।

    —चल तौ तू जहां ऐ वहां कौ चस्मा देखौ हाल सुना।

    —ये एक थाई रेस्टोरेंट है, नाम है इसका थाईटैनिक, टाइटैनिक की तर्ज़ पर। बोर्ड पर नीचे की ओर  फाइव स्टार बनाकर फाइव स्टार रेस्टोरेंट लिख दिया गया है। आधा फुटपाथ घेर कर कुर्सी-मेज़ डाल दी गई हैं। दो-दो फुट ऊंचे पार्टीशनों का घेरा बना दिया गया है ताकि कोई ये न कहे कि पूरा ही फुटपाथ घेर लिया। यहीं एक कुर्सी पर बैठा हुआ कॉफी की चुस्कियां ले रहा हूं। यहां से अगल की, बगल की और सड़क के उस पार की दुकानें साफ़ नज़र आ रही हैं। अगल में है टोनी एण्ड गाई हेयर ड्रेसर। यहां से बाल संवरवा कर लड़के और लड़कियां फ़ैशन टीवी पर प्रकट होते हैं, ऐसा लिखा हुआ है। बगल में हैं डम्पिंग चाईनीज़ और ईज़ाकाया जापानी रेस्टोरेंट। तमन्ना नाम का एक भारतीय रेस्टोरेंट भी है। तमन्ना डॉट कॉम पर ऑर्डर करो, होम डिलीवरी हो जाएगी। आज इन्होंने करी-राइस बनाए हैं। इनकी वेजीटेरियन थाली बारह डॉलर की है। मज़े की बात ये है कि तमन्ना रेस्टोरेंट में एक भी भारतीय दिखाई नहीं दे रहा। इस समय न्यूटाउन की सड़क पर भोजन की बहार है चचा। जैसा भोजन चाहो खाओ और बचे तो घर ले जाओ।

    मेरे सामने दिखाई दे रहा है विन्नीज़ स्टोर। यह एक ऐसी दुकान है जहां लोगों द्वारा दान की हुई चीज़ें बेची जाती हैं। सेंट विंसेंट डि पॉल सोसायटी इसे ‘गुड वर्क्स’ के लिए चलाती है। दुकान के बाहर एक बहुत बड़ी ड्रॉअर है जिसमें लोग अपना इस्तेमाल किया हुआ, लेकिन अच्छी हालत वाला अतिरिक्त सामान डाल जाते हैं। कपड़े, बर्तन, जूते, आभूषण, किताबें, शोपीस, खिलौने और और भी तरह-तरह की हज़ार चीज़ें। फिर विन्नी संस्था उन्हें बेहद कम दाम पर बेचती है। जरूरतमंद लोगों से भरी रहती है ये दुकान। हर उम्र के लोग हैं। बहुत सारी ऐसी चीजें जो आप ढूंढते रहिए, कहीं न मिलें, वो विन्नीज़ में मिल जाएंगी। बस ढूंढने का धैर्य होना चाहिए। जामा-मस्जिद का संडे बाज़ार जैसे एक सजी-धजी विराट दुकान में आ गया हो।

    विन्नीज़ के एक तरफ वेस्ट एण्ड म्यूजिक है। तरह-तरह के गिटार लटके हुए हैं। यहां सिर्फ़ नौजवान दिख रहे हैं। काले कपड़ों में एक लड़की पालती मारकर फुटपाथ पर ही बैठ गई है। काफ़ी देर से फोन पर लगी है। लगता है उसके प्रेमी ने गिटार दिलाने का वादा करके आने में विलम्ब कर दिया है।

    ऑफ़ का बड़ा फैशन है यहां, फिफ्टी पर्सेंट ऑफ़, थर्टी पर्सेंट ऑफ़! जूते, कपड़े, बाले, झुमके सब पर ऑफ़! और अभी मेरे सामने एक लड़का अपनी प्रेमिका को चूमकर सेवन इलैवन में घुसा है। फुटबाल का बुखार तो चढ़ा ही हुआ है। कंगारू देश के नौजवान सौकर प्रेम में सौकरू बने हुए हैं।  चार साल पहले आया था तो फुटपाथों पर लगे टेलीफोन बूथों पर लाइन भले ही न लगी रहती हों पर एक न एक आदमी फोन करता दिख जाता था। अब बूथ ढके हुए खड़े हैं। हर किसी के पास मोबाइल है। लाइनें तो एपल स्टोर पर लगी हैं नए मोबाइल आई-फोन-फोर के लिए। अब भला कौनसा यूथ बूथ में खड़ा होकर फोन मिलाएगा।

    —कौफी पी लै, ठंडी है जायगी!

    —कॉफी ख़तम चचा! अब सनफ्लावर तेल की दो लीटर की बोतल ख़रीदते हुए घर लौटूंगा। आज  डेविड और उनकी पत्नी मिशेल की दावत रखी है। डेविड एक प्रसिद्ध कमर्शियल फोटोग्राफ़र हैं।  पुत्र के मित्र हैं। कैनन फोटो कॉम्पीटीशन के विज्ञापन में उन्हीं के खींचे हुए चित्र लगे हैं। आपकी बहूरानी आटा गूंथेंगी और पिता-पुत्र मिलकर पूरी-कचौड़ी तलेंगे। यहां खाना बनाने में भी बड़ा मजा आता है चचा।

    —तू आजा, फिर बगीची पै दार-बाटी बनाइबे कौ मजा लिंगे, आजा।

     

    wonderful comments!