अशोक चक्रधर > Blog > खिली बत्तीसी > तू किरकिट तूम किरकिट

तू किरकिट तूम किरकिट

too-kirakit-toom-kirakit

 

 

 

 

 

 

 

 

 

तू किरकिट तूम किरकिट

(क्रिकेट वर्ल्ड कप का ज्वर ज्वार होने जा रहा है)

 

तू किरकिट तूम किरकिट

धा किरकिट धूम किरकिट

धुकधुन्ना,

भागा जो भागा, अभागा न भागा

न भागा सो भागा

लुक मुन्ना।

ये दुनिया किरकिटी दुनिया,

इसी पे मर मिटी दुनिया।

 

ए जी ग्राउंड में, भारी साउंड में,

पहले राउंड में, हो गए आउट।

पहला अंपायर भी,

दूजा अंपायर भी,

तीजा अंपायर भी,

कहे— नो डाउट।

लेकिन जी घर-घर में,

सोफ़े पे बिस्तर में,

व्यूअर में लिस्नर में,

अभी डाउट है।

कमरे में बाला जी,

दुकां पे लाला जी,

कहती हैं ख़ाला जी-

ये नौट आउट है।

हर कोई उलझा रे,

मसला न सुलझा रे,

सिम सिम सिम खुल जा रे,

तू खेल कैसा है?

हम सबको प्यारा है,

सबका दुलारा है,

सबसे ही न्यारा है,

तू खेल ऐसा है।

 

मुर्दा भी उठ जाए

घुन्ना भी मुस्काए

हर दिल यही गाए—

सुन मुन्ना!

ये दुनिया किरकिटी दुनिया,

इसी पे मर मिटी दुनिया।

 

 


Comments

comments

Leave a Reply