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    सवाल पूंछ और मूंछ का

    (जिसके पास पूंछ है उसी की पूछ है)

     

    एक के पास मूंछ थी

    एक के पास पूंछ थी,

    मूंछ वाले को कोई

    पूछता नहीं था

    पूंछ वाले की पूछ थी।

     

    मूंछ वाले के पास

    तनी हुई मूंछ का सवाल था,

    पूंछ वाले के पास

    झुकी हुई पूंछ का जवाब था।

     

    पूंछ की

    दो दिशाएं नहीं होती हैं

    या तो भयभीत होकर

    दुबकेगी

    या मुहब्बत में हिलेगी,

    मारेगी या मरेगी

    पर एक वक़्त में

    एक ही काम करेगी।

    मूंछें क्यों अशक्त हैं,

    क्योंकि दो दिशाओं में विभक्त है।

    एक झुकी मूंछ वाला

    झुकी पूंछ वाले से बोला—

    यार, मैं ज़िंदगी में

    उठ नहीं पा रहा हूं।

     

    पूंछ वाला बोला—

    बिलकुल नहीं उठ पाओगे,

    कारण एक मिनट में

    समझ जाओगे।

    बताता हूं,

    तुम बिना हाथ लगाए

    अपनी मूंछ उठाकर दिखाओ

    मैं अपनी पूंछ उठाकर दिखाता हूं।

     

    जो उठा सकता है

    वही उठ सकता है,

    इसीलिए पूंछ वालों की सत्ता है।

    wonderful comments!

    1. Sushil Ojha Oct 23, 2013 at 2:53 pm

      जो उठा सकता है वही उठ सकता है, इसीलिए पूंछ वालों की सत्ता है।

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