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  • बीएफ जीएफ टीएफ सीएफ डीएफ ईएफ वीएफ पीएफ – podcast episode 9
  • बीएफ जीएफ टीएफ सीएफ डीएफ ईएफ वीएफ पीएफ – podcast episode 9

    आजकल मोबाइल फोन पर प्रतिक्रियाएं देने के कई तरीक़े हैं। क्लास रूम में बैठे-बैठे भी आप दे सकते हैं अगर अपने दोनों अंगूठों और उंगलियों के सहारे मोबाइल को पकड़े हुए, खट-खट-खट एसएमएस करते रहें। एसएमएस की भाषा बच्चों ने निर्मित की है। बड़े-बड़े शब्द क्यों लिखें? शॉर्ट फॉर्म में लिखते हैं। बॉय फ्रेंड क्यों लिखें, बीएफ लिखते हैं। गर्ल फ्रेंड क्यों लिखें, जीएफ लिखते हैं। मुझे जब पता लगा कि ये बीएफ और जीएफ का ज़माना है तो इस ज़माने के हिसाब से मैं कुछ और सोचने लगा। जब बीएफ जीएफ हो सकता है तो टीएफ सीएफ डीएफ ईएफ वीएफ पीएफ क्यों नहीं हो सकता? और बस आपको सुनाने के लिए एक कविता रच डाली।

    wonderful comments!

    1. Mahima अगस्त 7, 2012 at 3:15 अपराह्न

      अशोक जी प्रणाम ! आपके हर नए पॉडकास्ट का इंतज़ार रहता है, आपकी आवाज़ और अंदाज़ सुनने को दिल बेकरार रहता है क्यूंकि आप बन चुके हैं UF (Unusual Friend ), GANG आपको मिला कर ही पूरा होता है इसलिए कि हर एक friend ज़रूरी होता है

    2. अरविन्द नाहर अगस्त 8, 2012 at 7:52 पूर्वाह्न

      बहुत सुन्दर रचना , आप की आवाज में सुनना और भी आनंदायक है

    3. Pratik अगस्त 8, 2012 at 5:26 अपराह्न

      हाहा बढ़िया है!

    4. Bhola Nath Shukla अगस्त 9, 2012 at 3:44 पूर्वाह्न

      namaste ashokji,aap ke hazaro prasansako me se main ek,mera pranam swikar kijiye..........dhanybad.

    5. Bhola Nath Shukla अगस्त 9, 2012 at 3:44 पूर्वाह्न

      namaste ashokji,aap ke hazaro prasansako me se main ek,mera pranam swikar kijiye..........dhanybad.

    6. Bhola Nath Shukla अगस्त 9, 2012 at 3:44 पूर्वाह्न

      namaste ashokji,aap ke hazaro prasansako me se main ek,mera pranam swikar kijiye..........dhanybad.

    7. Naveen Pradhan अगस्त 15, 2012 at 12:04 पूर्वाह्न

      Hey! Ashok Ji Aap Ki Aavaz Main Sunna Bahut Tusht Kar [email protected]

    8. Amal Gupta अगस्त 23, 2012 at 10:25 अपराह्न

      "V.F. matlab... Very Funny!" awesome sir!!

    9. preeti sharma मई 29, 2013 at 2:16 अपराह्न

      ye ek alag hi anubhav hai .aapke na jane kitne hi prashansak jo aapko kisi aur tareeke se nahi sun sakte is podcast ke jariye aapki awaj main hi aapki rachnayein sunkar man hi man atyant prassann hote honge.vastav mein ye bhi ek tareeke ki sewa hai,khas taur par unke liye jo india se bahar hain aur akelapan mahsoos karte hain.dhanyvad

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