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बीएफ जीएफ टीएफ सीएफ डीएफ ईएफ वीएफ पीएफ - podcast episode 9

Ashok Chakradhar Uvaach - PODCAST

आजकल मोबाइल फोन पर प्रतिक्रियाएं देने के कई तरीक़े हैं। क्लास रूम में बैठे-बैठे भी आप दे सकते हैं अगर अपने दोनों अंगूठों और उंगलियों के सहारे मोबाइल को पकड़े हुए, खट-खट-खट एसएमएस करते रहें। एसएमएस की भाषा बच्चों ने निर्मित की है। बड़े-बड़े शब्द क्यों लिखें? शॉर्ट फॉर्म में लिखते हैं। बॉय फ्रेंड क्यों लिखें, बीएफ लिखते हैं। गर्ल फ्रेंड क्यों लिखें, जीएफ लिखते हैं। मुझे जब पता लगा कि ये बीएफ और जीएफ का ज़माना है तो इस ज़माने के हिसाब से मैं कुछ और सोचने लगा। जब बीएफ जीएफ हो सकता है तो टीएफ सीएफ डीएफ ईएफ वीएफ पीएफ क्यों नहीं हो सकता? और बस आपको सुनाने के लिए एक कविता रच डाली।

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9 Comments

  1. अशोक जी प्रणाम !
    आपके हर नए पॉडकास्ट का इंतज़ार रहता है,
    आपकी आवाज़ और अंदाज़ सुनने को दिल बेकरार रहता है
    क्यूंकि आप बन चुके हैं UF (Unusual Friend ), GANG आपको मिला कर ही पूरा होता है
    इसलिए कि हर एक friend ज़रूरी होता है

  2. बहुत सुन्दर रचना , आप की आवाज में सुनना और भी आनंदायक है

  3. हाहा बढ़िया है!

  4. namaste ashokji,aap ke hazaro prasansako me se main ek,mera pranam swikar kijiye……….dhanybad.

  5. namaste ashokji,aap ke hazaro prasansako me se main ek,mera pranam swikar kijiye……….dhanybad.

  6. namaste ashokji,aap ke hazaro prasansako me se main ek,mera pranam swikar kijiye……….dhanybad.

  7. Hey! Ashok Ji Aap Ki Aavaz Main Sunna Bahut Tusht Kar Gaya………..naveenpradhan@satellite.

  8. “V.F. matlab… Very Funny!” awesome sir!!

  9. preeti sharma |

    ye ek alag hi anubhav hai .aapke na jane kitne hi prashansak
    jo aapko kisi aur tareeke se nahi sun sakte is podcast ke jariye aapki awaj main hi aapki rachnayein sunkar man hi man atyant prassann hote honge.vastav mein ye bhi ek tareeke ki sewa hai,khas taur par unke liye jo india se bahar hain aur akelapan mahsoos karte hain.dhanyvad

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