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ओ अजनबी ज़रा मुस्कुरा तो दे

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ओ अजनबी ज़रा मुस्कुरा तो दे

(एक ज़रा सी मुस्कान हमारे मानवीय संबंधों का बुनियादी तकाज़ा है)

 

माना तू अजनबी है

और मैं भी अजनबी हूं

डरने की बात क्या है

ज़रा मुस्कुरा तो दे।

 

मैं कोई नहीं तेरा

तू कोई नहीं मेरा

फिर भी कोई रिश्ता है

ज़रा मुस्कुरा तो दे।

 

हूं मैं भी एक इंसां

और तू भी एक इंसां

ऐसी भी बात क्या है

ज़रा मुस्कुरा तो दे!

 

दुख मुझपे है लदा सा

है तू भी ग़मज़दा सा

रस्ता जुदा-जुदा है

ज़रा मुस्कुरा तो दे!

हां, तेरे लिए मेरा

और मेरे लिए तेरा

चेहरा नया-नया है

ज़रा मुस्कुरा तो दे।

 

तू सामने है मेरे

मैं सामने हूं तेरे

युं ही सामना हुआ है

ज़रा मुस्कुरा तो दे।

 

मैं भी न मिलूं शायद

तू भी न मिले शायद

इतनी बड़ी दुनिया है

ज़रा मुस्कुरा तो दे।

 

नज़रों से मिलीं नज़रें

कुछ कह रही थीं नज़रें

अधरों को क्या हुआ है

ज़रा मुस्कुरा तो दे।

 

 


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