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नेताओं की तुलना किस फल से?

netaaon kee tulnaa kisase

 

 

 

 

 

 

 

 

 

नेताओं की तुलना किस फल से?

(तुलना के लिए चरित्र को तोलना पड़ता है)

 

बोलो मेरे सवाल का जवाब दोगे?

बताओ नेताओं की तुलना

किस फल से करोगे?

 

एक बोला— आम से,

जिनका मतलब है नाम और दाम से।

काम फ़कत ये कि

अपने लिए शानदार गूदा,

जनता के लिए गुठली बेहूदा।

 

दूसरा बोला— केला!

सम्पूर्ण तुलना के लिए

यही फल है अकेला।

विकसित होता है भुरभुरी ज़मीन से,

अंकुर में रेशे होते हैं महीन महीन से।

बड़ा नाजुक होता है इसका पत्ता,

बाहर निकलते ही देखता है

कांटों की सत्ता।

ज़रा सी कंटीली छुअन से

चिर जाता है कलेजा,

फिर जाता है फल की कली का भेजा।

वह अपने डंठल को

बेहद मजबूत और कठोर बनाती है,

धीरे-धीरे आकाश में सर उठाती है।

फल आते हैं हरे-हरे ऊर्ध्वमुखी सुगठित,

एक पार्टी के डंठल पर संगठित।

आसानी से कोई तोड़ नहीं सकता,

डंठल को यूं ही मरोड़ नहीं सकता।

 

लेकिन टूट कर या परिपक्व होते ही

कोमल और ढीला,

दागदार चित्तियों में रंग पड़ा पीला।

कुर्सी का नदीदा,

प्रारम्भ से ही नहीं होता है सीधा।

राजपथ पर पहुंचते ही

अपने आदर्शों पर ख़ुद नहीं चलता है,

इसके छिलकों से

जनपथ पर ज़माना फिसलता है।


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