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नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब

नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब / 123 / सितम्बर / 2013

प्रश्न 1. अनाड़ी जी, फिल्मी सुन्दरियां बच्चों वाले तलाकशुदा व्यक्तियों से शादी क्यों करती हैं?

इन्दू बाला

द्वारा-श्री शरद कुमार श्रीवास्तव

एम-54, संजय गांधी पुरम, फैजाबाद रोड

लखनऊ (उ.प्र.)

फिल्मी सुन्दरियां इसलिए करती हैं

तलाकशुदाओं से शादी,

क्योंकि वे दे सकते हैं वांछित आज़ादी।

वे रिश्तों को सही तरह

बुनना सीख चुके होते हैं,

बीवी की हर बात को

सुनना सीख चुके होते हैं।

अभाव के घाव के बाद

प्रेमी घनघोर होते हैं,

अनुभवी और मेच्योर होते हैं।

कुंआरे होते हैं अनाड़ी,

ये होते हैं पूरे खिलाड़ी।

फिर भी मामले में होता है

रहस्य का गड़बड़झाला,

और कुछ बताऊं इन्दू बाला?

 

प्रश्न 2. अनाड़ी जी, क्या आप पतियों को सच ही निपट गधे मानते हैं?

विभा पाटनी

स्टेशन रोड, झुमरीतलैया-825409

जिला-कोडरमा (झारखण्ड)

ये मैं नहीं मानता,

उनकी पत्नियां मानती हैं,

जो पति की क्षमताओं को कम

अक्षमताओं को ज़्यादा जानती हैं।

श्रीमती पाटनी!

बात लग सकती है काटनी।

पर मैं अपने कथन में

बिल्कुल ठीक हूं,

क्योंकि मैं भी

उन गधों में शरीक हूं।

 

प्रश्न 3. अनाड़ी जी, दहेज लेना बहुत बुरा है सब कहते हैं, पर जब अपनी बारी आती है तो दहेज लेने से गुरेज क्यों नहीं करते?

सीमा ओझा

द्वारा-श्री सुरेन्द्र राय

एस.के.ओझा अकाउंट्स क्लासेज

बाई पास रोड, ज्योति चौक

बक्सर-802101 (बिहार)

दहेज लेना बुरा नहीं है

बुरा है दहेज मांगना,

और लालच में आकर

बहू को फूंकना

या पंखे से टांगना।

बहू जब लाए

अपने घर से लगेज,

तो उससे कहिए

तू ही रख इसको सहेज।

 

प्रश्न 4. अनाड़ी जी, आपकी अम्मा ने कौन सी घुट्टी पिलाई थी जो आप इतने तीव्र बुद्धि वाले व्यक्ति बने?

आशा भटनागर

321, नई बस्ती,

स्टेट बैंक कॉलोनी रोड,

बिजनौर-246701 (उ.प्र.)

मेरी अम्मा ने घुट्टी नहीं

बकरी के दूध का घुट्टा पिलाया था,

और भुना हुआ ताज़ा भुट्टा खिलाया था।

आप कह रही हैं कि खोपड़ी तेज़ है,

लेकिन अनाड़िन के आगे

एक दम निस्तेज है।

 

प्रश्न 5. अनाड़ी जी, बहू किसी की बेटी होती है और बेटी किसी की बहू होती है, लेकिन सारी बेटियां भली क्यों होती हैं और सारी बहुएं बुरी क्यों होती हैं?

ममता अग्रवाल

ए-204, गुजराल एपार्टमेंट, प्रेमनगर

बरेली (उ.प्र.)

मानता हूं कि

यह है एक सामाजिक विषमता,

ममता जी! जिसकी आड़ में रहती

या आड़े में आ जाती है ममता।

दूर की हो या पास की,

मां की हो या सास की।

फिर भी बहू होती है

परिवार की शक्तिशाली धुरी,

घूमती है, घुमाती है

इसलिए कुछ के लिए

हो जाती है बुरी।

 

प्रश्न 6. अनाड़ी जी, आप हमेशा मुस्कुराते रहते हैं, क्या आप कभी दुखी नहीं रहते? हमें भी ज़िन्दगी जीने का तरीका बताएं ताकि हम भी हर घड़ी मुस्कुराएं।

 तनराज ठाकुर

511/1बी12, गली 1, पांडव रोड, विश्वास नगर,

शाहदरा, दिल्ली-110032

 

ये घर है दर्द का घर, परदे हटा के देखो,
ग़म हैं हंसी के अंदर, परदे हटा के देखो।
अपने सभी गमों को, फिर से ज़रा टटोलो

कुछ तो मिलेगा बेहतर, परदे हटा के देखो।

 

प्रश्न 7. अनाड़ी जी, भारत में सभी पुरुष और उसके साथ एक-एक महिला की जोड़ी बना दी जाए तो शेष बचे हुए पुरुषों के लिए आप क्या संदेश देना चाहेंगे?

वन्दना साहू

5316, ब्लॉक-144, सैक्टर-7,

सी.जी.एस.कॉलोनी, एंटाप हिल

मुम्बई-400037

मुकद्दर के मारो!

बचे-खुचे कुंआरो!

अपना आवेग और गुस्सा

पुरानी पीढ़ियों पर उतारो।

जिन्होंने कन्या भ्रूण हत्या से

संतुलन बिगाड़ दिया,

तुम्हारे हिस्से का सुख

गड्डे में गाड़ दिया।

बहारें तुम्हारे लिए

फूल नहीं बरसाएंगी

बजाएंगी नहीं ढोलक

बधाइयां नहीं गाएंगी।

फिर भी हे दयनीय कुंआरो!

मायूसी में दिल मत हारो,

कन्याओं के स्वागत में पंथ बुहारो।

 


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