मुखपृष्ठ>
  • नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
  • >
  • नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
  • नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब / 121 / जुलाई / 2013

    प्रश्न 1. अनाड़ी जी, स्त्रियों के लिए सबसे असम्भव बात क्या है?

     

    शिल्पा पाटनी

    द्वारा-विकास पाटनी

    स्टेशन रोड, झुमरीतलैया-825409

    जिला कोडरमा (झारखंड)

    आज के युग में

    स्त्री के लिए क्या है

    जो संभव नहीं है!

    यथासंभव उसके लिए

    कुछ भी असंभव नहीं है।

    सब कुछ कर सकती है स्त्री!

    बस एक-दो अपवाद हैं

    जिन्हें बता सकते हैं

    शरीर-विज्ञानी देह-शास्त्री!!

    अगर आपका

    वही जानने का इरादा है,

    तो अनाड़ी के पास

    भाषा की बाधा है।

     

    प्रश्न 2. अनाड़ी जी, ससुराल में बहू को बेटी जैसी माना जाता है, बेटी ही क्यों नहीं?

     

    अनु जैन

    द्वारा-श्री आर.के.जैन (अपर निदेशक)

    कमरा नं. 314, आर.ए.सी. तिमारपुर

    दिल्ली-110054

     

    सब एक जैसे नहीं होते हैं

    अनु जैन!

    बहुत से ससुरालिए होते हैं

    बहू के फैन!!

    मानते हैं वे बहू को

    बेटी से भी ज़्यादा,

    अगर बहू माने परिवार की मर्यादा।

    बहुत से ससुरालिए मानते हैं

    बहू को ‘बेटी जैसी’,

    ग़नीमत है कि

    उनकी धारणा है ऐसी।

    पर सोचिए सासू के पास जब

    अपनी बेटी है

    तो वह बहू को बेटी क्यों माने?

    और फिर बहू भी तो मारती है

    ताने-दर-ताने।

    ससुराल पक्ष कर न दे

    ऐसी कम तैसी,

    इसलिए हे बहुओ

    फ़िलहाल बनी रहो ‘बेटी जैसी’।

     

    प्रश्न 3. अनाड़ी जी, जब अपने हमउम्र साथी ही आंटी जी कहकर संबोधित करें तो उन्हें करारा जवाब कैसे, किस तरह दिया जाए?

     

    ज्योति सैनी, भोपाल

    इसमें कैसी बाधा जी,

    उन्हें पुकारें दादा जी!

    इसके बाद

    अगर वे आपको

    ‘आंटी’ की जगह कहें ‘बेटी’!

    तो इसमें मत समझना अपनी हेटी।

     

    प्रश्न 4. अनाड़ी जी, बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी संस्कारित करने का कोई अचूक नुस्खा बताइए, जिससे बेटियों के साथ आने वाली समस्याओं में विराम लगसके?

     

    अमिता गुप्ता

    सी-130, पैलेस ऑरचर्ड (नॉर्थ) कोलार रोड,

    भोपाल-462042 (म.प्र.)

     

    जन्म के बाद बेटे और बेटी

    संस्कारित होने के लिए जाएंगे कहां?

    दोनों के लिए

    पहली पाठशाला होती है मां!

    बड़ा होने पर जीवन के गोपन रहस्य

    बेटियों को बताने की ज़िम्मेदारी

    मां पर आती है,

    बेटों को पिता

    ऐसा कुछ नहीं सिखाता

    उन्हें हर रहस्यवादी समझदारी

    समाज से ही आती है।

    समाज में कौन उन्हें क्या सिखाता है,

     

    जो लड़के लड़कियों को करते हैं तंग,

    उन्हें समाज में चाहिए सत्संग।

     

    प्रश्न 5. अनाड़ी जी, दिल्ली में हुए गैंगरैप वाली शर्मसार कर देने की घटना से बचने के लिए समाज को क्या कदम उठाने चाहिए?

    चन्द्रकला लखोटिया

    29, प्रताप आदित्य रोड

    कोलकाता-700026

    जैसे जैसे बढ़ेगा

    विकृत पैसा, विकृत सोच,

    दरिन्दे नहीं करेंगे संकोच।

    मानसिक गन्दगी

    तभी हटेगी हमारी,

    जब सक्रिय हो जाएंगे

    सामाजिक सोच-सफाई के सारे कर्मचारी।

     

    प्रश्न 6. आपसे प्रश्न पूछूं अनाड़ी, लालसाएं बड़ी होती हैं या बंगाल की खाड़ी?

     

    सारिका भूषण

    सी-258, रोड नं. 1 सी

    अशोक नगर, रांची-834002

    इंसान की लालसाओं को

    मिलकर भी

    पूरा नहीं कर सकते,

    गौड के सन या भगवान के अब्बा,

    मनुष्य की लालसा के आगे

    बंगाल की खाड़ी है

    चूं चूं का मुरब्बा।

     

    प्रश्न 7. अनाड़ी जी, पत्नी जब तक अपने ताकतवर मर्द की हां में हां मिलाती है तब तक तो ठीक, मगर जैसे ही जमीनी हकीकत से परिचित कराती है तो वहडिप्रैशन में चला जाता है, ऐसा क्यों होता है?

     

    मंजू शर्मा

    w/o. श्री वी.के.शर्मा

    AGE E/M नं.1, जी.ई. (एयरफोर्स)

    लोहेगांव-पूणे-411032

    चण्डीगढ़-160047

    पता नहीं प्रश्नकर्ता ताक़तवर मर्द की

    किस ताक़त की बात कर रही हैं,

    उसे ज़मीनी हक़ीक़त बता रही हैं

    या उसके मर्म पर घात कर रही हैं।

    अगर आपने ऐसा किया है,

    कि हक़ीक़त बता कर

    डिप्रैशन को न्यौता दिया है,

    तो अवसाद को आप ही भगाइए,

    पति आप पर विश्वास करे

    ऐसी ताक़त जगाइए।

    जीवन की उलझनों को सुलझाइए

    दोनों मिलकर प्रेम के गाने गाइए।

     

    wonderful comments!

    प्रातिक्रिया दे