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नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब

नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब / 119 / अप्रैल / 2013

प्रश्न 1. अनाड़ी जी, आप हमेशा मुस्कुराते हुए नज़र आते हैं, क्या आपको इस दुनिया के गम नहीं सताते?

तन्वी कौशिक ‘रुद्राक्ष’

चन्दन सागर, बी. सेठिया गली

बीकानेर-334001 (राज.)

 

ग़म तो इतने हैं कि

सबको है गिनाना मुश्किल,

मुस्कुराने के सिवा

है कोई चारा भी नहीं।

जीत पाया हूं हर इक ग़म को

झूठ क्यों बोलूं,

पर ये मुस्कान की ताक़त है

कि हारा भी नहीं।

 

प्रश्न 2. अनाड़ी जी, पति की मृत्यु पर सबसे ज़्यादा दुख पत्नी को होता है तो क्या पत्नी की मृत्यु पर पति को भी दुख होता है?

खुशबू

एफ-120, प्रगति विहार होस्टल

निकट सीजीओ कॉम्प्लैक्स, लोधी रोड

नई दिल्ली-110003

 

प्रिय के मरने पर

रोता हर कोई है,

पर वह नहीं रोएगा

जिसकी संवेदना सोई है।

पति हो या पत्नी

जीवन-साथी का अभाव रुलाता है,

यादों का ख़ज़ाना

रह-रह कर सताता है।

पर हम तो यह देखकर सन्न हैं,

कि एक पत्नी

पति के मरने पर प्रसन्न हैं।

खुश रहती हैं,

सबसे कहती हैं—

‘भलौ भयौ पिउ मर गए

इन बच्चन के भाग,

सोलह तो रोटी बचीं

एक भगौना साग।’

 

प्रश्न 3. अनाड़ी जी, यदि पति प्यार में पत्नी को ज़ोर से थप्पड़ मार दे तो पत्नी को क्या करना चाहिए?

शैलजा सक्सेना

सी-3, नया जिला अस्पताल

शाहजहांपुर-242226 (उ.प्र.)

प्यार में तो बंदा पुचकारता है,

ज़ोर से भला कौन मारता है?

फिर भी यह एक पेचीदा सवाल है,

आधुनिक नारी कहेगी

अच्छा! पुरुष की इतनी मजाल है!!

हर समय बजाता है अपनी ही तूती,

औरत को समझता है पांव की जूती।

हो सकता है पलटकर न भी मारे,

पर शब्दों के तमाचे

लगाएगी करारे-करारे।

पति को लानतों से भर देगी,

उसका जीना दूभर कर देगी।

इसलिए हे पतियो! ये व्रत धारना,

जीवनभर शब्दों की पिटाई से

बचना हो तो

हाथ से कभी मत मारना।

 

प्रश्न 4. अनाड़ी जी, इस देश का कानून अंधा है, पर क्यों?

डॉ. कल्पना मसीह

सोफिया स्कूल, किल्लाई, भाग, दमोह (म.प्र.)

अब ये कहना ग़लत है कि

क़ानून अंधा है,

ज़्यादातर तो

खुली आंख और

खुली जेब वालों का धंधा है।

अब देश का जन-जन

यह जानता है,

कि क़ानून ग़रीबों की

तबाही की नहीं सुनता

अमीरों की

गवाही की मानता है।

 

प्रश्न 5. अनाड़ी जी, इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन और सबसे बड़ा दोस्त कौन है?

सुगम सिंह

द्वारा-गौरव सिंह

30/51, स्ट्रीट नं. 8, विश्वास नगर

आन्ध्रा बैंक के सामने, दिल्ली-110032

 

सबसे बड़ा दुश्मन अहंकार है,

सबसे बड़ा दोस्त प्यार है।

प्यार के आगे

अहंकार फुस हो जाता है

और अहंकार के आगे प्यार,

इसलिए मत होने दो

इन दोनों की तकरार!

 

प्रश्न 6. अनाड़ी जी, आज भी कई जगहों पर बेटा और बेटी में फर्क किया जाता है, बेटा हो तो उत्सव और बेटी हो तो मातम मनाया जाता है, ऐसा क्यों?

क्षमा वर्मा

701, रिलायंस एनर्जी ऑफिसर्स

क्वार्टर देवनार डिपो के पास, चैम्बूर,

मुम्बई-400088 (महा.)

कुदरत खिलौना दे या खिलौनी,

सलोना दे या सलौनी,

स्वागत करो ढोलक बजाओ,

मिठाइयां बांटो, मंगल गाओ!

लड़का हो तो उत्सव

लड़की हो तो मातम,

विरोध करते हैं इसका हम!

 

प्रश्न 7. अनाड़ी जी, क्या कारण है प्राय: प्रसिद्ध और धनवान व्यक्ति के निधन के बाद उनकी पत्नी एकदम निखर कर आती है, उनका हुलिया ही बदल जाता है?

डॉ. शशि गोयल

3/28, ए/2, जवाहर नगर रोड, खंदारी

आगरा-282002 (उ.प्र.)

दिवंगत पति का अनुभव और धन

दोनों काम आते हैं,

पति के अधूरे कार्यों को

पूरा कराते हैं।

बंद हो जाती है टोक़ाटाकी,

निकलती है आत्मविश्वास की झांकी।

समझदारी के कारण

उसका व्यवहार दूसरों के प्रति

थोड़ा नरम हो सकता है,

लेकिन जीवन-शैली के कारण

दूसरों को भरम हो सकता है।

 

प्रश्न 8. अनाड़ी जी, एक पढ़ी-लिखी स्त्री अपने अड़ियल पति के साथ कैसे निभाए?

नरिन्द्र पाल कौर (अम्बाला)

स्वार्टर नं. 6, टाइप-4

न्यू पावर हाउस कॉलोनी

(राजपुरा कॉलोनी)

पटियाला-147001 (पंजाब)

पति हो या टट्टू कोई

अड़ियल अगर सुभाय,

निकट नितम्बों के तनिक

एड़ी देओ छुवाय।

इस सड़ियल तरकीब को

करना सीस झुकाय,

इससे अच्छा है नहीं

हम पर और उपाय।

 


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