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नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब

नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब

प्रश्न 1. अनाड़ी जी, आजकल भारत में महिलाओं के साथ अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। आपकी नज़र में इन अपराधों पर नियंत्रण किस प्रकार किया जा सकता है?

 

सरला सक्सेना

बल्लभनगर कॉलोनी

पीलीभीत (उ.प्र.)

अपराध बढ़ाती है चमड़ी,

अपराध बढ़ाती है दमड़ी,

दंड-विधान बदलते नहीं

चेतना है लंगड़ी।

जिस दिन मजबूत होगा

न्याय का शिकंजा,

गर्दन तक पहुंचेगा

क़ानून का पंजा।

महिलाओं के प्रति

नैतिकता के मूल्य बदलने लगेंगे,

अपने आप अपराध घटने लगेंगे।

 

प्रश्न 2. अनाड़ी जी, सभी को बेटा क्यों चाहिए, बेटी क्यों नहीं?

 

रुचि

द्वारा-श्री पी.एन.साह

फ्लैट नट. 4 बी, लक्ष्मण ब्लॉक, सीताकुंज अपार्टमेंट

प्रोफेसर कॉलोनी, करमटोली

रांची-834008

 

हमारे समाज का है ये दंश,

पुरुष सोचता है कि वही चलाता है वंश।

वही समर्थ है, वही कारोबारी है,

और अभी तक अबला देश की नारी है।

अब कन्या भी

दिखलाने लगी है ताक़त,

जाहिल लोगों में

आ जानी चाहिए शराफ़त।

पता नहीं क्यों

अंधी आस्था कुलबुलाती है,

कुल बात ये कि

बेटी ही कुल चलाती है।

 

प्रश्न 3. अनाड़ी जी, ऐसा क्यों होता है कि जब सब कुछ घट जाता है तब आती है पुलिस और सब कुछ पता चलने पर भी बनती है अनजान?

 

रेखा साह

द्वारा-श्री पी.एन.साह

फ्लैट नं. 48 बी, लक्ष्मण ब्लॉक, सीताकुंज अपार्टमेंट

प्रोफेसर कॉलोनी, करमटोली

रांची-834008

घटना से पहले

भला पुलिस कैसे आ जाएगी?

तहकीक़ात करेगी

वक़्त भी लगाएगी।

विडम्बना ये है कि

किसी की तो जान पे बन आती है,

और पुलिस अनजान बन जाती है।

इसलिए आव देखो न ताव,

पुलिस पर बनाओ दबाव।

 

प्रश्न 4. अनाड़ी जी, यदि नारी एक अनाथ नर की हमसफर बन जाए और उस को परिवार का सुख दे, परंतु इस रिश्ते के लिए नारी को अपना परिवार-पीहर त्यागना पड़े, तो क्या नारी सही है?

टीना सिंह द्वारा-श्री ए.के.जैन

TIF IV/807, ADS Block, Gali No. 14 & 15

भोलानाथ नगर, शाहदरा

दिल्ली-110032

अनाथ हो या सनाथ,

अगर आप उसकी स्वामिनी बन गईं

और वो बन गया आपका नाथ!

जीवनभर के लिए

थाम लिया हाथ में हाथ!!

तो दिखाइए दाम्पत्य का जौहर,

ससुराल-पीहर से बड़ा है शौहर।

 

प्रश्न 5.  अनाड़ी जी, जब पति द्वारा, उनकी अनगिनत चाहने वालियों का नाम सुन-सुन कर कान पक जाएं तो क्या पत्नी को भी अपने चाहने वालों की फेहरिस्त दिखा देनी चाहिए?

 

रेणु श्रीवास्तव

404, मां भगवती कॉम्पलैक्स

बोरिंग रोड क्रॉसिंग

पटना (बिहार)

अगर पति दिखाता है

अनगिनत चाहने वालियों की लिस्ट,

तो क्या है आप भी

सुना दीजिए अपनी फहरिस्त।

अगर आपके चाहने वाले भी

सचमुच में हैं,

तो आप भला क्यों न कहें?

हां, एक बात से

आ जाएगी बाधा,

यदि आप दोनों में से

कोई तोड़े अपनी मर्यादा।

 

प्रश्न 6.  अनाड़ी जी, क्या नारी ही सबको संभाले, नारी को संभालने वाला कौन है?

 

शालिनी रॉय

मुम्बई

समझ रहा हूं आपका दर्द,

ज़्यादा ध्यान देते नहीं हैं मर्द!

ताने रहते हैं आरोपों के भाले,

फिर उम्मीद करते हैं कि

नारी ही सबको संभाले।

शालिनी!

बनाए रखिए अपने आपको

हृदय से विशालिनी!

सबको देखिए भालिए,

टूटिए मत स्वयं को संभालिए।

 

प्रश्न 7. अनाड़ी जी, तलाकों की वृद्धि में नारी पर ही क्यों दोषारोपण होता है समाज में? आज भी पुरुष अपने वर्चस्व पर अडिग हैं, ऐसे में क्या नारी कुछ न बोले?

 

ब्रह्माणी खरे द्वारा-श्री दीपक खरे

फ्लैट नं. सी-501

इंडियन ऑयल एपार्टमेंट्स

प्लॉट नं. सी-58/23, सैक्टर-62

नौएडा-201301

कब तलक सहती रहें?

कब तलक कुछ न कहें?

यों दरारें भी भरी जाती हैं

वक़्त मरहम भी लगा जाता है,

एक नाज़ुक से मोड़ पर लेकिन

मामला हद से गुज़र जाता है।

तोहमदें लगती हैं नारी पर ही

मर्द व्यभिचार जगा जाता है।

दिल पे जम जाती हैं

पत्थर की तरह

दर्द की तह पे तहें।

कब तलक सहती रहें?

कब तलक कुछ न कहें?

 


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