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मुंह और आंखों के बीच अनचाही जंग

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मुंह और आंखों के बीच अनचाही जंग

(खाने वाले स्वछंद हैं, अपना तो मुंह भी बंद और आंखें भी बंद हैं।)

 

जीभ पर नियंत्रण की कमी के कारण

श्रीमान जी हो गए मोटे,

इतने मोटे इतने मोटे

कि घर के सोफ़े भी पड़ने लगे छोटे।

एक तो मोटापा अपने आप में

एक समस्या है,

फिर मोटापे के कारण जन्मी

समस्याओं में जीना भी एक तपस्या है।

बहरहाल, दिन की दिक्कतें तो

दिलेरी से सह जाते थे,

पर नींद के दौरान असहाय रह जाते थे।

 

डॉक्टर से बोले—

दिन तो मेरा चार्मफुल जाता है,

पर क्या करूं कि रात में जब सोता हूं

तो मेरा मुंह खुल जाता है।

 

डॉक्टर ने श्रीमान जी को निहारा,

और जवाब दिया करारा—

मेरे मन में आपका बड़ा लिहाज है,

पर साफ़-साफ़ बता दूं

आपका रोग लाइलाज है।

आपके मुंह और आंखों के बीच

एक अनचाही जंग हो चुकी है,

मोटापे के कारण आपकी खाल

इतनी तंग हो चुकी है

कि आंख बंद करते ही

मुंह खुल जाता है,

जो बंद होने के लिए नींद में

हालांकि कुलबुलाता है,

लेकिन अफ़सोस कि

वह आंख खुलने पर ही

बंद हो पाएगा,

सोएंगे तो फिर खुल जाएगा।

श्रीमान जी, अब आप

बिना दवाई के ही लंबे हो लो,

मुंह बंद रखना है

तो आंखें खोलो।

 

 


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