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मतदाता प्रौढ़-शिक्षा की कक्षा का पाठ

matdaataa proud shikshaa kee kakshaa kaa paath

 

 

 

 

 

 

 

 

मतदाता प्रौढ़-शिक्षा की कक्षा का पाठ

(पाठ में मात्राएं नहीं हैं लेकिन मतदाताओं ने भारी मात्रा में पढ़ा)

 

अमर छत पर मत टहल।

उधर चल। उधर हलचल।

दल दल दलदल।

चर अचर चर अकल।

रहबर चयन कर। उधर इच नयन कर।

कर। शर। गज। चलकल। कमल।

मतपत्र पर मन मत मसल।

सब तरफ खलबल यह असल।

दरअसल करम सब असफल।

चल सहचर चल। कर दखल।

चल अब छत पर मत टहल।

 

इस बरस बरबस धन बरस।

सब तहस नहस। मत कर बहस।

अमर कमर कस।

कर मत कलह। मत कह वजह।

यह न दमकत। वह न चमकत।

यह न झलकत। वह न भरकत।

अमर दरअसल सब गफ़लत।

खटखट कर अब न कर खटपट।

कर न अनबन। कर चयन झटपट।

बस बस न भर तरकस।

सर कस कर चल जन सरकस।

धन चयन कसरत कर।

हसरत कर।

अड़चन लख मत उफन।

दब बटन अब दब।

 

अब मगन रह कर भगवत भजन कर।

तम सकल जनपद जनपथ तलक।

गम गलत कर।

रम गटक।

अमर मत भटक।

 

चल अमर अब घर चल।

इस तरह करवट मत बदल।

नयन मत कर सजल।

अमर चल छत पर टहल।

 


Comments

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1 Comment

  1. सर,
    सादर प्रणाम।
    बहुत अच्छी कक्षा पाठ। अब यह उन अमर पर निर्भर करता है कि वह इससे कितना प्रेरित होते हैं।
    सधन्यवाद
    आपका
    रि(वि)श्वत सेन

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