मुखपृष्ठ>
  • खिली बत्तीसी
  • >
  • मां के अंगना में आज कान्हा प्यारे आए
  • maan ke anganaa mein aaj kaanhaa pyaare aaye

     

     

     

     

     

     

     

     

     

    मां के अंगना में आज कान्हा प्यारे आए
    (द्वापर में कृष्ण ने कन्याओं को सदैव मान-सम्मान दिया)

    धरती नाचे नाचे

    अम्बर गाए गाए,

    गोपी घेरदार घाघरा

    घुमाए ही जाए।

    गोप झूम-झूम

    घूम-घूम सारे आए,

    मां के अंगना में आज

    कान्हा प्यारे आए।

    पुरवैया की पवन सुरीली

    मदमाती है हरदम,

    उषा रश्मियों ने छेड़ी है

    कमल पात पर सरगम,

    तितली रानी सुमन सुमन पर

    छम-छम मंडराती है,

    मौसम पन्ना-पन्ना खोले

    जन-जीवन की अलबम।

    भंवरे गुन गुन गुन गुन गाते

    हरकारे आए,

    मां के अंगना में आज

    कान्हा प्यारे आए।

    ईश्वर है इंसानों जैसा

    हम तुम जैसी लीला,

    कारागारी कन्याओं को

    कुटिल कंस ने कीला।

    आगे कभी नहीं हो ऐसा

    चाहे कुंवर कन्हाई,

    लल्ला लल्ला लल्ली लल्ली

    जीवन ललक जगाई।

    जियरा ज़िन्दगी की ताल को

    संवारे जाए,

    याद बहनों की आई

    आंसू खारे आए,

    मां के अंगना में आज

    कान्हा प्यारे आए।

    wonderful comments!

    प्रातिक्रिया दे