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जय जय हो कैमरा देव की

(कैमरा सामने आते ही अच्छे अच्छे पहलवान की टांगें कांप जाती हैं)

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जय जय हो कैमरा देव की,

शक्ति तुम्हीं हो सत्यमेव की।

 

दुनिया झूठी पर तुम सच्चे,

पूजा करते हम सब बच्चे।

तुम्हें देखते ही जाने क्यों

पानी मांगें अच्छे-अच्छे।

सन्मुख आया, लेकिन पहले,

हीरो ने छ: बार शेव की।

 

तुम्हीं मीडिया के टायर हो,

तुम्हीं तीसरे अम्पायर हो।

पल में पोल खोलने वाले,

ईश्वर हो तुम इंक्वायर हो।

सत्य दिखाकर न्यायालय में,

कितनों की ज़िंदगी सेव की।

 

तुम चाहो तो वंडर कर दो,

नाली बीच समंदर कर दो,

सुंदर को बंदर सा करके,

बदसूरत को सुंदर कर दो।

अगर खींचने पर आ जाओ,

भद्द पीट दो कामदेव की।

 

तुमने सारी दुनिया नापी,

तुमने जी की बातें भांपीं।

अच्छे-अच्छे पहलवान की,

तुम्हरे आगे टांगें कांपीं।

मुख पर आय पसीना लेकिन

फ़ीलिंग होती कोल्ड वेव की।

 

फूल चढ़ाऊं खील चढ़ाऊं,

दिया जला कंदील चढ़ाऊं।

जितना चाहे उतना खींचो,

टेप चढ़ाऊं, रील चढ़ाऊं।

खुले पिटारा, हो उद्धारा

स्वीकारो अरदास स्लेव की।

जय जय हो कैमरा देव की!


Comments

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2 Comments

  1. भास्कर अग्रवाल |

    😀 बहुत सही !
    लिखने के लिए धन्यवाद

  2. ashok ji …..kamre ki pol kholne ke liye danyavaad aapka ……….

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