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घपला है सर बहुत घपला है

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घपला है सर बहुत घपला है

(आर्थिक घपलों के साथ सांस्कृतिक-स्वार्थिक घपलों पर होली की एक ठिठोली।)

 

एक इंस्पैक्टर

पुल निर्माण कार्य की

जांच करने आया,

नदी पर तो नहीं लेकिन

ठेकेदार और इंजीनियर के बीच

उसने पुल बना पाया।

 

और पुल!

पुल भी बेहद मज़बूत

न कहीं टूट-फूट न कहीं दरार,

खुश इंजीनियर खुश ठेकेदार।

 

शाम के समय

जब इंस्पैक्टर कार्यालय पहुंचा

तो ऑफ़ीसर ने पूछा-

क्या समाचार लाए?

बड़ी जल्दी लौट आए।

 

इंस्पैक्टर बोला-

सर, हालात का क्या कहना है,

पुल नदी पर नहीं

ठेकेदार और इंजीनियर के बीच

बना है।

घपला है सर बहुत घपला है

और मेरा अध्ययन तो ये बताता है,

कि सामान इधर से उधर जाता है।

 

ऑफ़ीसर ने पूछा- इसका प्रमाण?

 

इंस्पैक्टर बोला-

प्रमाण के रूप में

इनकी जीती-जागती संतान।

सर, घपला है इस बात की ख़बर

इनकी संतानों से ही मिलती है,

क्योंकि ठेकेदार के बेटे की श़क्ल

इंजीनियर से

और इंजीनियर के बेटे की श़क्ल

ठेकेदार से मिलती है।

 

 

 

 


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