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    eego dil aur kuchh kuchh

     

     

     

     

     

     

     

    ईगो, दिल और कुछ-कुछ

    (प्रेम से बड़ा कोई भ्रम नहीं है और न उससे बड़ा कोई यथार्थ)

     

    मुझे भ्रम है

    तू मेरी है
    तुझे भ्रम है
    मैं तेरा हूं
    न तू मेरी
    न मैं तेरा
    अगर कुछ है तो
    ईगो है
    कलह हरदम
    जो बोता है।
    वही सब कुछ
    वही सब कुछ।

    तुझे भ्रम है कि
    मैं खुश हूं
    मुझे भ्रम है कि
    तू खुश है
    न तू खुश है
    न मैं खुश हूं
    अगर खुश है तो
    ये दिल है
    खुशी में भी
    जो रोता है
    वही सब कुछ
    वही सब कुछ।

    तुझे भ्रम है कि
    तू कुछ है
    मुझे भ्रम है कि
    मैं कुछ हूं
    न मैं कुछ हूं
    न तू कुछ है
    अगर कुछ है तो
    कुछ-कुछ है
    जो होता है।

    वही कुछ-कुछ
    वही सब कुछ
    वही सब कुछ।

     

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