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चूहा बिल्ली चिड़िया कुत्ता गाथा

चूहा बिल्ली चिड़िया कुत्ता गाथा

(मतदाता और मतपाता सबकी हक़ीक़त सामने है)

 

 

एक चुहिया

दौड़ी-दौड़ी बिल में आई,

चूहों के सामने चिल्लाई—

 

ऊपर दो बिल्लियां

बातें कर रही हैं,

रामनामी ओढक़र

सबसे मुलाक़ातें कर रही हैं।

सारे नाख़ून

कटाकर आई हैं,

पड़ोस के चूहों को

पटाकर आई हैं।

कहती हैं—

हमारी

अनऔथराइज़्ड चूहा कॉलोनी

बिल नंबर दो को भी

पास कर दिया जाएगा,

बिजली पानी का

इंतज़ाम भी

ख़ास कर दिया जाएगा।

 

एक बुज़ुर्ग चूहा बोला— चुप रहो,

उनकी बातों में मत बहो।

अपना तो अपने बिल के

अंधेरे में ही उजाला है,

पर लगता है जंगल में

चुनाव आने वाला है।

 

दूसरी ओर भौंक-भौंक कर

परेशान श्वान थे,

एक दूसरे के

खींच रहे कान थे।

 

चिड़िया बोली—

इनमें से कुछ तो

वाकई दुष्ट हैं,

टिकिट नहीं मिला है न

इसलिए असंतुष्ट हैं।


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