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चलिए मैं आपका हॉर्न बजाता हूं!

 

Chaliye main aapakaa horn bajaata hoon

 

 

 

 

 

 

 

 

चलिए मैं आपका हॉर्न बजाता हूं!

(देश का इंजन ठीक हो तो लोग हॉर्न क्यों बजाएंगे?)

एक गाड़ी को ओवरटेक कर,

और चौराहे पर

हरी बत्ती देख कर,

श्रीमान जी ने तेज़ कर दी स्पीड,

सोचा, पार कर जाएंगे गारंटीड!

पर बत्ती अचानक लाल हो गई,

उनका प्लान धो गई।

फ़ुल ब्रेक मारे,

टायर टें बोल गए सारे।

श्रीमान जी की देह

झटके से आगे को झुक गई,

पर ग़नीमत ये कि गाड़ी रुक गई।

अब, हरी बत्ती होगी देर में,

इसलिए किफ़ायत के फेर में,

बंद कर दिया इंजन,

पर अगले ही क्षण,

बत्ती हरी हो गई,

मुसीबत फिर से खड़ी हो गई।

क्योंकि गाड़ी स्टार्ट ही न हो,

अब क्या करें कहो!

माथे पर पसीने चुचाए,

पीछे वाला दनादन हॉर्न बजाए।

श्रीमान जी ने ज़्यादा नहीं सहा,

गाड़ी से उतरे और पीछे वाले

ड्राइवर से कहा—

सुनिए, मैं एक तरीक़ा बताता हूं,

चलिए आप मेरी गाड़ी स्टार्ट करिए,

मैं आपका हॉर्न बजाता हूं।

ये बात मैंने आपको इसलिए बताई

क्योंकि इन दिनों,

ट्रैफिक बहुत बढ़ गया है भाई!

ट्रैफिक में भी जाम का मज़ा चक्खो,।

इंजन भले ही ख़राब हो

पर हॉर्न ठीक रक्खो।


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