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  • भूख से भला कोई कैसे मरा?
  • 20110125 Bhookh se bhalaa koee kaise maraaसमाचार आया

    भूख से इतने मरे,

    कोई भरोसा कैसे करे?

     

    उधर यमदूत यमराज को

    रिपोर्ट सुना रहा था

    यमराज को गुस्सा आ रहा था

    क्या कहा,

    ये भी भूख से मरा,

    कहते हुए

    शर्म नहीं आती ज़रा!

    क्या बकता है?

    भूख से

    कोई कैसे मर सकता है?

     

    यमदूत घिघियाया-

    मौताधिति!

    पड़ौसियों ने तो यही बताया

    घर में नहीं थे अन्न के दाने

    ये लगा घास की रोटी चबाने

    महाजन को जरा भी

    दया नहीं आई

    बिना पैसे अनाज की बोरी

    नहीं खुल पाई।

    इस प्रकार हे डैथाधीश!

    ये भूख से मर गया

    असमय राम के नाम को

    सत्य कर गया।

     

    सुनकर यमराज

    पलभर को हुए उतावले।

    फिर बोले— बावले,

    ये भूख से नहीं,

    कुपोषण से मरा है,

    इंसान द्वारा

    इंसान के शोषण से मरा है।

     

    समाचार आया

    विधायक जी को हथकड़ी पड़ी,

    घटना खोपड़ी में अड़ी।

     

    लेकिन सबसे चमत्कारी ज़ेवर है

    हथकड़ी!

    जो छोटे आदमी के लिए

    साइज़ में छोटी होती है

    और बड़े आदमी के लिए बड़ी।

    छोटे आदमी के पड़ी,

    तो उसकी तो

    ज़िंदगी भर के लिए

    खटिया खड़ी!

     

    बड़े आदमी को

    पड़ने की संभावना भी हुई तो. . .

    उसकी अस्पताल में खटिया पड़ी!!

     

    समाचार आया,

    युवक ने स्वयं को

    गोली से उड़ाया।

    अगर बच जाता पट्ठा

    तो पुलिस को बताना पड़ता

    कहां से आया था कट्टा।

    wonderful comments!

    1. vinod malik Jun 30, 2011 at 6:38 am

      ashok ji ke liye kya comment lajawaab hain. bahut saal se manavta ki samvednaaon ko kavita ke madhyam se jhanjhod rahe hain

    2. Krishna kumar Aug 2, 2011 at 1:35 pm

      बहुत खुब, सरजी!

    3. संध्या सचेदिना Aug 4, 2011 at 6:47 pm

      Excellent satire! यमराज के लिए मौताधिति और डैथाधीश की उपाधियाँ बहुत बढ़िया लगीं!

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