दोहा की अतीतजीवी संस्कृति

दोहा की अतीतजीवी संस्कृति

  —चौं रे चम्पू! दोहा में कौन-कौन कवि हते तेरे संग?   —अटल, अरुण, ममता और सुदीप। वहां पहुंचते ही सुदीप के पास उसकी पत्नी का फोन आया, ‘कहां हो?’ ‘कतार में।’ ‘तुम तो दोहा गए थे। कतार में कैसे लग गए? लौट आओ, यहां एटीएमएम में कोई भीड़ नहीं है।’ ‘अरी बावली, दोहा कतार…


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धरोहरों का उपयोग

    —चौं रे चम्पू! इलाहाबाद में कौन-कौन मिले?   —कहां तक गिनाऊं? स्टेशन पर उतरते ही मिले डॉ. युगांतर और डॉ. नीरज त्रिपाठी। युगांतर आयोजक होने के नाते आए थे और नीरज मोहब्बत में। दोपहर का भोजन कराया प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. प्रकाश खेतान ने। उनका नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में है। उन्होंने…


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