दुम पे हथौड़ा

दुम पे हथौड़ा

यहां कल रात नींद नहीं आई चचा! जगती आंखों से सपने देख रहा था। झपकी लगती थी तो वही जाग्रत चिंताएं गतांक से आगे हो जाती थीं। वे चिंताएं सपने में निदान भी बता रही थीं।


Read More