मीडिया

जीत गई छ्न्नो

टेलीफ़िल्म

‘जीत गी छन्नो’ की कहानी रोहतक (हरियाणा) के पास एक छोटे से गांव में रहनेवाली जागरूक बालिका छन्नो के साहस की कहानी है। निरक्षर माता-पिता न के वल बालिकाओं की शिक्षा के विरोधी होते हैं बल्कि वे कम उम्र में लड़कियों की शादी भी कर देते हैं। अशोक जी ने नए अभिनेता-अभिनेत्रियों के साथ के वल एक सप्ताह में यह फ़िल्म बना डाली। नए अभिनेताओं ने इतनी सहजता से काम किया कि कहीं से नहीं लगता कि यह फ़िल्म व्यावसायिक अपेक्षाओं को पूरा नहीं करती। अशोक जी द्वारा लिखित एवं निर्देशित ‘जीत गी छन्नो’ दिल्ली दूरदर्शन एवं अन्य केन्द्रों से कम-से-कम सौ बार टेलीकास्ट हो चुकी है। राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के अंतर्गत प्रौढ़ शिक्षा निदेशालय द्वारा एवं अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा आज भी यह फ़िल्म महिलाओं में साक्षरता के प्रति सहज आकर्षण उत्पन्न करती है।