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बिटिया

टेलीफ़िल्म

लड़कियों के साथ होने वाले सामाजिक अत्याचारों पर अशोक जी ने तीन नाटक लिखे। यूनिसैफ की श्रीमती रेणु घोष की पहल पर उनमें से एक ‘अंगूरी’ के सांग एंड ड्रामा डिवीज़न ने सैकड़ों प्रदर्शन किए। गीत-संगीत, हास्य और सार्थक स्वास्थ्य-संदेश इस नाटक की जान थे। संयोग और सौभाग्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्कालीन सचिव श्री योगेन्द्र नाथ चतुर्वेदी ने यह नाटक देखा। कुछ ही दिन बाद अशोक जी को उनका एक पत्र मिला-

‘आपके द्वारा लिखा हुआ और सांग एंड ड्रामा डिवीज़न द्वारा किया हुआ अंगूरी का प्रदर्शन पिछले जनसंख्या दिवस पर बड़ा प्रभावशाली था।

हम सोचते हैं कि अगर इसका फ़िल्मांकन किया जा सके और यह लगभग 60-75 मिनट की फ़िल्म के रूप में बनाया जा सके तो इसको दूरदर्शन पर परिवार कल्याण विभाग प्रदर्शित करने की व्यवस्था कर लेगा। इससे बड़ी संख्या में लोग यह नाटक देख सकें गे।

अगर आप इस संभावना के प्रति आशवान हों तो इस संबंध में व्यवस्था बातचीत करके तय की जा सकती है।’

चतुर्वेदी जी का पत्र पाकर अशोक जी उत्साहित हुए और उन्होंने फ़िल्म की दृष्टि से कथा और पटकथा का पुनर्लेखन किया और इस प्रकार ‘अंगूरी’ नाटक के आधार पर ‘बिटिया’ फ़िल्म का निर्माण हुआ। अशोक जी ने हरियाणा में स्थित बंचारी नाम के एक गांव में इस फ़िल्म को शूट किया। जहां एक ओर उन्हें रघुवीर यादव एवं अन्नू कपूर जैसे वरिष्ठ कलाकारों का सहयोग मिला वहीं दूसरी ओर बंचारी गांव के निवासियों तथा लोक कलाकारों ने उनके लिए प्रेमपूर्वक कार्य किया। किशोरी अंगूरी का रोल वेगा टमोटिया ने किया। वेगा भारतीय मूल की कन्या है लेकिन आस्ट्रेलिया में रहती है।