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चुटपुटकुले

काव्य संकलन

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चुटपुटकुले अशोक जी की छोटी-छोटी कविताओं का संकलन है, मिकी पटेल के चित्रों से सुसज्जित। यह पुस्तक अशोक जी की अन्य पुस्तकों की तुलना में अपना भिन्न चरित्र रखती है क्योंकि यहां उनके मौलिक व्यंग्य-कथ्य के साथ-साथ लतीफ़ों का इस्तेमाल भी किया गया है। इस तथ्य को वे अपने वक्तव्य में स्वीकार भी करते हैं। उनका मानना है कि लतीफ़े जीवन के रहस्यों को खोलने में सहायक होते हैं- माना कि कम उम्र होते हंसी के बुलबुले हैं, पर जीवन के सब रहस्य इनसे ही तो खुले हैं, ये चुटपुटकुले हैं। चुलबुले लतीफ़े मेरी तुकों में तुले हैं, मुस्काते दांतों की धवलता में धुले हैं, ये कविता की पुट वाले चुटपुटकुले हैं।

लतीफ़ों के बारे में यह कहा जाता है कि वे आते तो सबको हैं पर सुनाना कोई-कोई ही जानता है। अशोक जी ने अपनी तुकों के कौशल से या कहें अपने कविता के पुट से चुटकु ले को चुटपुटकु ला बना दिया है। यही इन कविताओं की मौलिकता है। सारी कविताएं लतीफ़ों पर आधारित हों ऐसा नहीं है। अनेक जीवन-स्थितियों को उन्होंने अपनी निजी विशिष्ट शैली में छोटी-छोटी कविताओं का रूप दिया है जैसे- ठंड के मारे, बेडौल सहेली, चिड़ियाघर ग़लत, ये धुआं सा, बुनियादी सवाल, टें बोल दो ना आदि। बुनियादी सवाल शीर्षक कविता में बच्ची का सवाल छोटा-सा होते हुए भी अनेक व्यापक संदर्भ रखता है।

अनुक्रम

  • दया
  • नन्ही सचाई
  • कितनी रोटी
  • नेता जी लगे मुस्कुराने
  • पहला क़दम
  • क्या किया फ़ोटोज़ का?
  • ख़लीफ़ा की खोपड़ी
  • अपराधी और सिपाही
  • स्नेहा का सपना
  • प्रसून जी और प्रभाकर
  • गेहूं का दाना
  • गर्दभ स्नान
  • तो क्या यहीं?
  • डॉक्टर का बिल
  • पियक्कड़ जी और डॉक्टर
  • चूहे ने क्या कहा?
  • जमादारनी की पीड़ा
  • ये वही कमरा है
  • पहला मरीज़
  • ठक ठक ठक ठक
  • स्टैनो की सैलरी
  • फिर तो!
  • नया आदमी
  • रैपरोफ़ोबिया
  • तीसरी बात
  • डार्क में तीर
  • रिश्तेदारी
  • तैयारी कई सालों से
  • बंटवारा
  • छिपकला
  • चैन की खांसी
  • भिखारी के भगवान
  • माफ़ करना भाई
  • एक मैं हूं एक तुम हो
  • दुखिया
  • शिकारी चचे
  • अगर ज़रूरी है
  • शीर्षासन
  • बौड़म जी बस में
  • ससुर जी उवाच
  • कौन है ये जैनी?
  • कम से कम
  • अन्तिम इच्छा
  • खन्ना और पगारे
  • कायान्तर

 

  • बौड़म जी और पान
  • चित्र में खोट
  • मोज़े
  • अनाथालय का समारोह
  • महाप्रलय के बाद
  • औषधि सम्मेलन
  • पहाड़ों पर रहो
  • शकल भ्रम
  • सिक्के की औक़ात
  • श्रीमान-श्रीमती संवाद
  • ख़त
  • हो गए बराबर
  • पहला वाक्य
  • टें बोल दो ना!
  • अकल में आग
  • हॉर्न बजाता हूं
  • कोट खरगोश की खाल का
  • अनूठा मछलीमार
  • वाह रे विधाता
  • सितारे के सितारे
  • हाथी पकड़ने का तरीक़ा
  • चाल नशीली
  • बौड़म जी नहीं माने
  • डैण्टिस्ट कन्या से प्रीत
  • उधार क्यों लिए?
  • बिना बात की बात
  • चीख़ निकली भयानक
  • बारंबार नमस्कार
  • चीनू का स्वाभिमान
  • रिश्वतख़ोर से संवाद
  • अर्थी
  • अंतर्राष्ट्रीय पुलिस अधिवेशन
  • ग़लती मुझसे ही हुई
  • मिले सुर
  • बुनियादी सवाल
  • अब कहां है?
  • अफ़सोस
  • ग़मगीन गायकी
  • ये धुआं-सा
  • प्यारी बहना भागी क्यों?
  • चिड़ियाघर गलत
  • बेडौल सहेली
  • ठंड के मारे
  • पागलख़ाने में पुताई