पुस्तकें

गुलाम के बेटे का बेटा

किशोर उपन्यास

हार्वर्ड फास्ट के उपन्यास ‘स्पार्टकस’ पर आधारित यह एक बाल उपन्यास है। रोमन साम्राज्य में गुलाम ग्लैडियेटरों की लड़ाई उस समय के सामंतों के लिए क्रीड़ा-विलास था। ग्लैडियेटर पहलवान को अपने साथी से जबरन लड़ाई लड़नी पड़ती थी। लड़ाई का समापन तभी होता था जब एक ग्लैडियेटर अपने मित्र ग्लैडियेटर को जान से मार दे। प्राण लेने की यह लड़ाई अपने प्राण बचाने की मजबूरी के कारण लड़नी पड़ती थी। रोमन शासक गुलामों को मनुष्य नहीं मानते थे बल्कि उन्हें बोलने वाला औज़ार कहा करते थे। हिंसा के दृश्यों के बहाने अहिंसा और मानवता का संदेश देने वाला यह बाल-उपन्यास एक सार्थक प्रयास है। बच्चे स्तब्ध तो अवश्य रह जाएंगे किंतु इंसानियत के प्रति उनकी समझ में विकास होगा।