पुस्तकें

कोयल का सितार

बाल साहित्य

कोयल का सितार एक बाल-कथा-काव्य है, जो जगदीश जोशी के चित्रों से सुसज्जित है। इस कृति के लिए हिन्दी अकादमी, दिल्ली ने अशोक चक्रधर को ‘बाल साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया है। नेशनल बुक ट्रस्ट से प्रकाशित इस नयनाभिराम पुस्तिका के अनेक संस्करण छप चुके हैं। अनेक भाषाओं में इसका अनुवाद हुआ है। इस कथा-काव्य की मूल कथा यह है कि कोयल ने कहीं सितार सुन लिया और बस ठान लिया कि वह गाती तो है ही, अपने बच्चों को यह सितार भी बजाकर सुनाएगी। अब समस्या यह थी कि उसके आकार का सितार कहां से आए। सितार बनाने के लिए उसने बढ़ई, लोहार, पेड़, बेल आदि का सहयोग लिया। सभी ने बिना किसी विशेष स्वार्थ के कोयल की मदद की। अपेक्षा सिर्फ़ इतनी रखी कि जब सितार बन जाए और कोयल अपने बच्चों को सुना सके तब उन्हें भी सुना दे। मानवीकरण के माध्यम से बाल-सुलभ मिठास के साथ कोमलकांत शब्दावली में बच्चों के लिए यह एक रोचक और संगीत-ज्ञानवर्धक पुस्तक है।