पुस्तकें

बाल साहित्य

बाल मन और किशोर मन में प्रवेश करने में अशोक जी सिद्धहस्त हैं। उन्होंने बच्चों के लिए उपन्यास लिखे। कविताएं लिखीं। नाटक लिखे। बच्चों के मनोविज्ञान को समझ कर,. उनसे दोस्ती बढ़ाकर और उनकी भाषा में बतियाते हुए।



कोयल का सितार

कोयल का सितार एक बाल-कथा-काव्य है, जो जगदीश जोशी के चित्रों से सुसज्जित है। इस कृति के लिए हिन्दी अकादमी, दिल्ली ने अशोक चक्रधर को ‘बाल साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया है। नेशनल बुक ट्रस्ट से प्रकाशित इस नयनाभिराम पुस्तिका के अनेक संस्करण छप चुके हैं। …


Read More

हीरों की चोरी

‘हीरों की चोरी’ एक बाल-उपन्यास है जिसका नायक अरुण एक किशोर है। अरुण का दिमाग़ हर तरह की गुत्थियां सुलझाने में बहुत तेज़ चलता था। झूठ को वह झट से पकड़ लेता था। शहर में अपराध बढ़ते जा रहे थे। छोटे से अरुण को बड़ी-बड़ी चिंताएं सताती थीं…


Read More

एक बगिया में

प्रभात की सुहानी बेला में चिड़ियों का चहचहाना, गुलाब की पंखुड़ियों का एक-एक करके खुलना, तदनंतर ओसकण, तितली, भंवरे व मधुमक्खी का आना और आकर बगिया में बतियाना, यह है इस पुस्तक की आधारभूमि।…


Read More

स्नेहा का सपना

यों तो यह कविता ‘चुटपुटकुले’ नामक पुस्तक में भी संकलित है, किंतु बाल पुस्तक के रूप में प्रकाशित होने के बाद यह व्यापक बाल-पाठकों के लिए भी उपयोगी हो गई।…


Read More