पुस्तकें

तो क्या होता जी

प्रौढ़ एवं नवसाक्षर साहित्य

‘बोल बसंतो’ पुस्तक माला की पहली कड़ी है- ‘तो क्या होता जी’। यह पुस्तकमाला क़ानूनी साक्षरता के उद्देश्य से नवसाक्षरों के लिए लिखी गई है। बसंतो कपड़ों के बदले बर्तन बेचने वाली एक प्रौढ़ महिला है, जो क़ानून को सिर्फ़ कोर्ट कचहरी समझती है। एक मध्यवर्गीय परिवार में जब कटोरदान को लेकर उसका झगड़ा हो जाता है तो वकील सत्यव्रत से उसकी भेंट होती है। वकील सत्यव्रत एक सनकी लेकिन मानवीय गुणों से सम्पन्न व्यक्ति हैं। वे बसंतो को समझाते हैं कि क़ानून क्या होते हैं, कैसे बनते हैं, और किस प्रकार लागू किए जाते हैं। क़ानून हम सभी की सुरक्षा के लिए होते हैं इसलिए क़ानूनों का पालन किया जाना चाहिए और दूसरों के अधिकारों का ध्यान रखना चाहिए।