पुस्तकें

ऐसे होती है शादी

प्रौढ़ एवं नवसाक्षर साहित्य

‘बोल बसंतो’ पुस्तक माला की दूसरी कड़ी है- ‘ऐसे होती है शादी’। भारतवर्ष में शादी के अनेक कानून हैं। विभिन्न धर्मों में शादियों के अलग रीति-रिवाज हैं लेकिन कानून ने हर दृष्टि को देखते हुए मान्य और अमान्य विवाहों की व्याख्या की है। लाजो का सुरेश से किया गया गंधर्व विवाह क़ानून को मान्य नहीं है। लाजो की उम्र भी अभी अट्ठारह साल नहीं हुई। वकील सत्यव्रत लाजो के पागल पति से क़ानूनन मुक्ति दिलाते हैं तथा सुरेश से उसका विधिवत कानून मान्य विवाह संपन्न कराते हैं। इस पुस्तक में बताया गया है कि धर्म और रीति-रिवाज़ों से हटकर विवाह करने का विकल्प है- विशेष विवाह अधिनियम। इस अधिनियम के तहत शादी लिखित होती है।